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Kartika Month 2020 : कार्तिक महीने में क्या खाएं और क्या न खाएं , ध्यान रखें

हिंदू धर्म में कार्तिक महीना को काफी पुण्यदायी माना गया है जिसे धर्म मास भी कहा गया है. कहते हैं कार्तिक महीना भगवान विष्णु की उपासना करना चाहिए. क्योंकि इस समय पालनहार विष्णु शेषनाग पर विश्राम की मुद्रा में होते हैं. वहीं इस महीने को लेकर भी शास्त्रों में कई तरह के नियम बताए जाते  हैं. बाकी महीनों की तरह इस विशेष महीने में भी कुछ चीज़ें खाने पाने की मनाही होती है तो वहीं कुछ चीज़ों का सेवन फलदायी माना जाता है. तो आइए देखते हैं कार्तिक महीने में क्या क्या खाएं और किन किन चीज़ों से परहेज़ करें.

मछली

कार्तिक के महीने में भगवान विष्णु जल में मत्स्य  के अवतार में रहते हैं. इसीलिए इस महीने में मछली खाने की मनाही होती है. वहीं सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक नज़रिए से भी इस महीने में मछली खाना निषेध माना गया है. कहते हैं इस समय नदियों का पानी बाढ़ व बारिश के कारण दूषित होता है इसीलिए मछली नहीं खानी चाहिए. 

बैंगन

कार्तिक के महीने में बैंगन खाने की भी मनाही होती है. क्योंकि इस महीने में पित्तदोष संबंधी बीमारियां होने का ख़तरा बना रहता है. और बैंगन पित्त दोष का एक कारण माना जाता है. वहीं बैंगन को धार्मिक दृष्टि से भी अशुद्ध माना जाता है. 

करेला 

कार्तिक का महीना विशेषतौर से साधना व भगवान विष्णु की उपासना का महीना माना गया है. और कहते हैं उपासना या व्रत विशेष के दौरान तीखे, चटपटे व तिक्त भोजन से परहेज़ करना चाहिए. और चूंकि करेला तिक्त भोजन है इसीलिए कार्तिक महीने में इसका सेवन निषेध माना गया है. 

दही

शास्त्रों में कहा गया है कि कार्तिक के महीने में दही का परहेज़ करना चाहिए . क्योंकि इस महीने में स्वास्थ्य की दृष्टि से दही मना किया गया है. हालांकि दही की जगह आप दूध का सेवन कर सकते हैं. 

जीरा

कार्तिक के महीने में जीरा नहीं खाना चाहिए . यूं तो जीरा स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक माना गया है लेकिन कहा जाता है कि अगर जीरे का सेवन किया जाए तो नुकसान उठाना पड़ सकता है. 

कार्तिक मास में इस चीज़ का सेवन है फायदेमंद

जहां जीरा, दही, करेला, बैंगन और मछली खाने की मनाही होती है तो वहीं मूली खाने से काफी फायदा मिलता है. जिससे कई तरह की मौसमी बीमारियों से छुटकारा मिल जाती है. इसीलिए कार्तिक के महीने में मूली का सेवन ज़रुर करें.