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Govardhan Puja 2020: गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है ?

दीवाली पांच दिनों तक चलने वाला पर्व है. चौथे दिन होती है गोवर्धन पूजा. इसे अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व इस बार 15 नवंबर को है. हर साल यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होता है. जिसमें गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाकर पूजा की जाती है. 

इस पर्व में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत ही नहीं बल्कि गाय का चित्र बनाया जाता है व संध्याकाल विधिवत रूप से शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती है. इस बार के शुभ मुहूर्त के बारे में भी आपको बताते हैं.

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त

इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 03.17 बजे से शाम 5.:24 बजे तक है. इस दौरान गोवर्धन व गाय की विशेष रूप से पूजा की जाती है. 

भगवान श्रीकृष्ण ने जब लोगों से इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा तब इंद्रदेव इससे क्रोधित हो गए. इसे अपना अपमान समझकर इंद्र ने ब्रजवासियों पर ज़ोरदार बारिश की . और कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा. नतीजा लोगों ने श्री कृष्ण से मदद की गुहार लगाई. तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था और सभी ब्रजवासियों को उसके नीचे खड़ा कर सभी की रक्षा की थी. उस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि थी. आज भी उसी के प्रतीक रूप में यह त्यौहार मनाया जाता है.